क्या ईर्ष्या करने की आदत से छुटकारा पाना चाहते हैं? जानिए कुछ आसान टिप्स....


अपने पड़ोसी की महंगी, नयी, चमचमाती कारें अपार्टमेंट की पार्किंग में खड़ी देखकर हम ईर्ष्या से जल-भुन जाते हैं। अपने रिश्तेदार द्वारा खरीदी गई किसी महंगी प्रॉपर्टी की खरीद की खुशी में खिलाया गया लड्डू भी हमें जलन के मारे कड़वा लगता है। आपके पड़ोसी जब आपसे खुलासा करते हैं कि वे इस बार अपनी छुट्टियां मनाने यूरोप जा रहे हैं तो जलन के मारे उनसे कुछ नहीं कह पाते। हालांकि पति पत्नी के बीच इस विषय पर अच्छी खासी नोंक झोंक हो जाती है। 

दूसरों की अच्छी चीजों से ईर्ष्या करना मानव की एक सहज और सरल प्रवृत्ति है

एक पुरुष द्वारा दूसरे पुरुष की सुंदर पत्नी देखकर उससे ईर्ष्या करना या अपनी किसी सहेली का स्मार्ट, हैंडसम मंगेतर देखकर उससे ईर्ष्या करना यह सब बातें हमारे रोजमर्रा की जिंदगी का जीता जागता उदाहरण है। दूसरों की अच्छी चीजों से ईर्ष्या करना मानव की एक सहज और सरल प्रवृत्ति है जिससे शायद ही कोई बच्चा, स्त्री या पुरुष अछूता रह पाए। क्या आपके साथ भी ऐसा है? यदि आपको भी दूसरों के साथ घटने वाली अच्छी बातों को लेकर जलन होने लगती है और आप ईर्ष्या से कुछ भी अटपटा व्यवहार करने पर उतारू हो जाते हैं तो समझ जाइये अब समय आ गया है आपको अपनी इस सहज, मानवीय प्रवृत्ति पर रोक लगानी होगी। 

जरा अपनी कमियों पर एक नजर डालें

क्या ऐसा है कि आप दूसरों की उन्नति, प्रगति, उनकी उपलब्धियों को लेकर लगातार दांत पीसते रहते हैं? क्या ऐसा है कि आप अपने इर्द-गिर्द नकारात्मकता का ऐसा जाल बुनते जाते हैं जो लगातार गहरा हो जाता हैं। रूकिए, जरा अपनी कमियों पर एक नजर डालें। अपनी ताकत का आकलन करें और अब अपनी ताकत को बढ़ाने के लिए पूरी तरह से इस पर फोकस करें। सिर्फ और सिर्फ अपनी बेहतरी के विषय में सोचें और सफलता के जिस पायदान पर आप फिलहाल खड़े हैं उससे अगले पायदान की ओर अपने कदम बढ़ाने की ओर अग्रसर हों।

ईष्यालु प्रवृत्ति को दूसरों के सामने स्वीकार न करना 

यदि आपको दूसरों की उन्नति, उनकी सफलताओं से ईर्ष्या होती है तो एक बार के लिए सोचें कि आप ईर्ष्यालु प्रवृत्ति के हैं और यदि आपके मित्र या सहकर्मी आपकी इस प्रवृत्ति की ओर आपका ध्यान खींचने का प्रयास करते हैं तो इस सच्चाई को स्वीकार करें और तुरंत इस प्रवृत्ति से बचने की दिशा में सोचें। अपनी ईष्यालु प्रवृत्ति को दूसरों के सामने स्वीकार न करना या उसके लिए बेतुके तर्क गढ़ने की आदत से बचें। 

अपनी असफलताओं को दूसरे की सफलताओं से न तोलें 

दूसरों को आगे बढ़ते देखकर हम अकसर उसकी तुलना अपने आपसे करने लगते हैं। हम यह भूल जाते हैं कि हर व्यक्ति एक दूसरे से अलग होते हैं। इसी तरह हर व्यक्ति की जिंदगी दूसरे से अलग होती है। कुछ लोगो को भाग्यवश सफलता जल्दी मिल जाती है। लेकिन कुछ लोगों को बार-बार असफल होने के बाद सफलता मिलती है। इसलिए अपनी असफलताओं को दूसरे की सफलताओं से न तोलें और दूसरों को जीवन में क्या मिलता है इसके बारे में सोच सोचकर अपने आपको नकारात्मक न बनाएं।

दूसरे की कामयाबी से सीख लें और अपने भीतर की कमियों पर गहनता से विचार करें

दूसरों की उन्नति उनकी उपलब्धियों से जलने की बजाय उसी की तरह सफलता की ऊंचाईयों को छूने के लिए प्रयास करने की सोचें। दूसरे की कामयाबी से सीख लें और अपने भीतर की कमियों पर गहनता से विचार करें। जाहिर है उसमें कुछ न कुछ आपसे अलग हटकर होगा जिसके चलते वे आपसे ज्यादा कामयाब है। दूसरों की सफलताओं, उपलब्धियों, कामयाबियों पर अपना माथा पीटने से उसका तो कुछ नुकसान नहीं होने वाला हां, लेकिन आप जरूर निराशा के गहरे अंधेरे में धंसते चले जाएंगे। 

दूसरों की जगह पर अपने आपको रखकर सोचें

हर कोई चाहता है कि उसकी सफलता से वह ही नहीं बल्कि बाकी भी खुश हों। कई बार तो ऐसा होता है कि आप किसी की सफलता से बुरी तरह चिढ़े होते हैं और उस व्यक्ति को इसका आभास तक नहीं होता। जरा सोचिए, अगर उसके स्थान आप हों तो आपको कैसा लगेगा। कोई बड़ी कामयाबी मिलने पर अगर आपका भी दिल बल्लियों उछल रहा हो और कोई अपनी ईर्ष्या का जलता हुआ तेजाब उस पर डाल दें तब आपको भला कैसा लगेगा? आपको अपनी खुशी के प्रति उसका यह नजरिया बेहद बुरा लगेगा। इसलिए दूसरों की जगह पर अपने आपको रखकर सोचें और उसके साथ उसकी कामयाबी का जश्न मनाएं।

उस कामयाब व्यक्ति से हो सके तो अपने आपको दूर कर लें

कई बार ऐसा भी होता है कि किसी की सफलता से हम इतना चिढ़ जाते हैं कि उसका बुरा करने तक का विचार हमारे भीतर आ जाता है। इस विचार को अपने दिमाग से दूर निकालकर बाहर फेंके और उस कामयाब व्यक्ति से हो सके तो अपने आपको दूर कर लें। क्योंकि हो सकता है उसके आसपास रहने से हर समय आपके भीतर ईर्ष्या की आग धीरे-धीरे सुलगती रहे और आप या तो उसके साथ जुबानी जंग लड़ने के लिए तैयार हो जाएं या ईर्ष्या के चलते आप दोनों के रिश्तों में हमेशा के लिए दरार आ जाए।#

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