जानिए कैसे रखें अपनी त्वचा का ख्याल? अच्छी त्वचा के लिए मूलभूत आवश्यक तत्व क्या हैं?


त्वचा का चाहे कोई भी रंग क्यों न हो, उसकी ताजगी व मृदुता एवं आयु में प्रिय प्रतीत होती है। दूसरी ओर सुष्क त्वचा यह संकेत करती है कि वह स्वास्थ्यवर्धक दशामें नहीं है तथा आपके लिए कष्टकारक बना सकती है। चाहे आप कितना भी श्रृंगार क्यों न करें, इसकी यह स्वाभाविक दुर्बलता छिप नहीं सकती।

अच्छी त्वचा के लिए मूलभूत आवश्यक तत्व

समुचित आहार, पूर्ण स्वच्छता और पर्याप्त निद्रा। आहार में इस उद्देश्य से विटामिन सी की प्रचुरता होनी चाहिए। सलाद, हल्की पकी हुई हरी वनस्पतियों और ताजे फलों का प्रयोग किया जा सकता है जो रंग रूप निखारने में सहायक है। इसके साथ-साथ दूध, अंडे और पनीर आदि प्रोटीनयुक्त खाद्य भी सहायक हैं। हर प्रातकाल गर्म जल के गिलास में नींबू निचोड़कर पीजिए। यह स्वच्छ त्वचा के विकास में सहायक होगा। उबले हुए खाद्य पदार्थो, बहुत अधिक चीनी और चाकलेट आदि से बचकर रहें। चिकनाई और पसीना आदि हवा के ऑक्सीजन से मिलकर एक प्रकार की परत का निर्माण कर देते हैं जिससे त्वचा के रन्ध अवरूद्ध हो जाते हैं। 

क्या वाकई में त्वचा के दोष छिप सकते हैं 

आधुनिक श्रृंगार प्रसाधनों की यह मिथ्या धारणा बन गई है कि वे त्वचा के दोष ढक सकते हैं। वस्तुतः यदि आपकी त्वचा खराब हो गयी है तो श्रृंगार इसे और अधिक बिगाड़ देगा। यदि रातभर अथवा लम्बे समय तक आपकी त्वचा पर श्रृंगार प्रसाधन विद्यमान रहें तो यह त्वचा के लिए अहितकर है।आपकी त्वचा को आठ घण्टे की न्यूनतम निद्रा की आवश्यकता है। जब आप सोती हैं तो त्वचा के रन्ध्रों में ताजगी आ जाती है। निकृत, प्राकृति, डूबी हुई आँखें और शारीरिक तन्द्रा अतृप्त निद्रा का ही परिणाम है।

बेहतर त्वचा के लिए समुचित भोजन की है आवश्यकता 

आपकी त्वचा एक जीवित रचना है जिसका यौवन एवं विन्यास बनाये रखने के लिए समुचित भोजन की आवश्यकता है। विशेषकर 20 वर्ष की आयु के बाद नेत्र एवं मुख के कोनों पर सूक्ष्म रेखायेें और सुष्क गठन यह संकेत करता है कि आपकी त्वचा मोटी होती हाो जाती है। अपनी त्वचा के अनुकूल समुचित एवं सामाजिक उपचार के द्वारा इन दोषों का निराकार किया जा सकता है। #

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