जुड़वा बच्चे होने का कारण क्या है? कैसे एक साथ जुड़वा बच्चे लेते हैं जन्म?



एक समय पर एक शिशु का जन्म होना सामान्य माना जाता है लेकिन यदि एक ही समय में एक से अधिक शिशु जन्म ले तो मानव के मन में उत्सुकता का होना स्वाभाविक बात है। कुछ लोग इसे भगवान की देन मान लेते हैं और कुछ लोग कोई सवाल ही नहीं करते हैं। लेकिन मानव समाज में वैज्ञानिक भावना के विकास के कारण कैसे जन्म लेते हैं  एक साथ जुड़वा बच्चे जैसे सवाल पर खोजबीन करना शुरु कर दिया है। कनाड़ा में जन्म और विकास के बाद मानवों में एकाधिक शिशु के एक साथ पैदा होने की घटनाओं पर ध्यान दिया जाने लगा है। जुड़वा बच्चे के बारे में सुनकर एक अजीब सी जिज्ञासा व उत्साह हमारे मन में पैदा होने लगते हैं। ऐसी स्थिति में हमारे मन में जुड़वा बच्चे को लेकर कई तरह के सवाल हमारे आसपास घूमने लगते हैं जो कि स्वाभाविक भी है। 

तो चलिए बात करते हैं वे किस तरह के सवाल हो सकते हैं जुड़वा बच्चे को लेकर। उदाहरण के तौर देखें तो कुछ इसतरह से हो सकते हैं :

अपना नाम पुकारे जाने पर अलग-अलग प्रतिक्रिया व्यक्त करते थे

अर्जेन्टीना के एक परिवार में एक साथ पांच शिशुओं ने जन्म लिया। एक साथ तीन-तीन शिशुओं के जन्म लेने की तो उनेक घटनाएं होती रहती हैं। हैलन ब्लैक में जुड़वा मादा शिशुओं के जन्म लेने की एक उल्लेखनीय बताया जाता है। इनके दो सिर थे, चार बाजू थे, दो टांगे थी और एक अविकसित पूंछ थी- जो दो-तीन इंच लम्बी जिगर था और एक ब्लड को जाने वाले चार गुर्दे थे। दो रीढ़ की हड्डियां थी। वे अपना नाम पुकारे जाने पर अलग-अलग प्रतिक्रिया व्यक्त करते थे। एक जागता रहता था तो भी दूसरा सो जाता था। इसी प्रकार एक रोता था तो, दूसरा शांत रहता था। ऐसे शिशुओ का भी जन्म हुआ है, जिनके दो धड़ थे, लेकिन सिर एक था। लेकिन यह अधिक समय तक जीवित नहीं रह पाते हैं।

आमतौर पर चूहों में एक साथ एकाधिक बच्चों को जन्म देने की घटनाएं अधिक होती है

मानव शरीर का बुनियादी ढांचा निरंतर प्राणियों के बुनियादी ढांचे से बहुत भिन्न नहीं है। कीड़ों मकडियों, मछलियों, मेंढकों, छिपकलियों और पक्षियों सदृश प्राणियों से अधिक संतानों को जन्म देते हैं। बनावटों की जटिलताओं में वृद्धि के साथ उसी अनुपात में शिशुओं की संख्या में हो जाती है, क्योंकि जितने अधिक शिशु होंगे, उतनी ही अधिक देखरेख की आवश्यक्ता पडे़गी। स्तनपायी प्राणियों में आमतौर पर चूहों में एक साथ एकाधिक बच्चों को जन्म देने की घटनाएं अधिक होती है। इसी प्रकार बिल्लियों और कुतिया एक साथ 7 से 12 बच्चो को जन्म देती हैं। न्यूब्रंसविक में एक इंग्लिश शिकारी कुतिया ने 16 बच्चों को जन्म दिया। बताया जाता है कि पेन्सिलवानिया में डेरी फार्म की बकरियों के रेवड़ में एक हरिणी ने लगातार तीन तक तक तीन-तीन बच्चो को जन्म दिया, जब कि नेब्रास्था एक फार्म में एक साथ पांच बछड़े पैदा हुए। इस सैट में चार नर थे और एक इंअर-सैक्स वाला माॅडीफाइड मादा था। 

जुड़वा बच्चे एक जैसे भी हो सकते हैं

एक से बच्चों की एक ही जीन आकृति होती है और फलस्वरूप उन दोनों का सैक्स एक ही होता है। दूसरी ओर भाइयों के रूप जन्म लेने वाले दो अलग-अलग अंडो से पैदा होते हैं। जिन्हें दो अलग-अलग शुक्राणुओ ने उपजाऊ बनाया होता है। दोनों भाइयों की आनुवांशिकता अलग-अलग होती है और उनकी जीन आकृति भी अलग-अलग होती है। यह असंभव नहीं कि भाइयों जैसे दो बच्चों को पिता वस्तुतः अलग-अलग हो।

एक से पैदा होने वालों बच्चों में बहुत समानता होती है

भाइयों के जैसे स्वरूप पैदा होने वाले जुड़वा बच्चों में उतना ही अंतर होता है, जितना भिन्न-भिन्न समयानुसार पैदा होने वाले भाई-बहनों में होता है। इसके विपरीत एक-से पैदा होने वाले बच्चों की आकृति आपस में इतनी अधिक मिलती-जुलती है कि उनमें अंतर कर पाना कठिन काम है। एक से पैदा होने वालों बच्चों के चरित्र, ढांचे, वनज, चेहरे की मुद्राओं, टाइप, के अनुपात उंगलियों में बहुत समानता होती है। दोनों के बाल न केवल रंग में समान अपितु बनावट और रूप में भी सुन्दरता एक जैसे होते हैं। आंखों का सांचा और पुतलिया भी एक जैसी होती हैं। दांत और दांतों का बनावट भी एक जैसा होता है। खून का ग्रुप और टाइप भी एक समान होता है। उंगलियां और हथेलियां भी एक जैसी ही होती है। बालों का घुमाव भी एक जैसा ही होता है। प्रायः ऐसा भी होता है कि यदि एक सारा काम बांये हाथ से कर लेता है तो दूसरा भी ऐसा कर लेता है।

आनुवांशिकता और वातावरण दोनों की अपनी-अपनी सहभागिता होती है

अधिकतर जुड़वा बच्चों में ऐसा होता है कि यदि एक को तपेदिक की बीमारी है तो दूसरे में भी इस बीमारी के लक्षण देखने को मिल जाता है। जबकि भाइयों जैसे बच्चों में यह बात देखने को नहीं मिलती है। यह भी देखने में आया है कि यदि जुड़वा बच्चों में से एक का दिमाग ठीक नहीं है तो दूसरा भी करीब-करीब वैसा ही होगा। दोनों करीब-करीब समान होते है, लेकिन जहां सजा पाने का संबंध है वहां दोनों समान कैसे हो सकते है। यदि जुड़वा बच्चों में किसी बात में अंतर हो तो उसका कारण वातावरण माना जाता है। यदि जुड़वा बच्चों में से एक बच्चा दूसरे पर रौब डालता हो तो यह उसकी यह आदत बढ़ने की ही संभावना है। वैयक्तिक अंतरों की भी संभावना है। वातावरण से अंतर तो पड़ता है लेकिन जन्म संबंधी पहलू उस अंतर को सीमित कर देते हैं। इस समस्या की पर अधिक ध्यान इसलिए भी  गया है, क्योंकि इस मामले में आनुवांशिकता और वातावरण दोनों की अपनी-अपनी सहभागिता है।

एक से पैदा होने वालों बच्चों में असमानता भी हो सकती है

सबसे रोचक मामला दो जुड़वा बच्चों एंग और चांग की है। ये दोनों सारी दुनिया घूमें और इन्होनें 44 वर्ष की उम्र में केरोलिना में दो बहनों से विवाह किया। 1874 में 67 वर्ष की उम्र में उनका निधन हुआ। चांग की बांई आंख दाई आंख की अपेक्षा कमजोर थी, जबकि एंग की भी स्थिति इससे बिल्कुल उलट थी। कई बार वे एक ही समय विभिन्न लोगों से अलग-अलग विषय पर बात करते थे। दोंनों नाटक और संगीत के बहुत शौकीन थे। तापमान के बारे में उन दोनों की प्रतिक्रिया अलग-अलग थी। एक तो कहता कि स्नान करना चाहिए तथा दूसरा कहता कि नहीं पानी बहुत ठंडा है।  #


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